कामाख्या तंत्र मंत्र साधना
माँ कामाख्या देवी को माँ सती की अंग स्वरूपा के रूप में भी जाना जाता है। कामाख्या देवी का उपासना स्थल ‘कामुरु कामाख्या’ नामक स्थान पर स्थित है, इनकी उपासना इतनी प्रभावशाली होती है कि जो व्यक्ति कामाख्या देवी की पूजा करता है उसका कार्य या मनोकामना जरूर पूरी हो जाती है। कामरूप कामख्या में जो देवी का सिद्ध पीठ है वह सृष्ठीकर्त्री त्रिपुरसुन्दरी (दशमहाविद्याओ में प्रमुख मानी गई है) का है। कामाख्या में जो आजकल प्रसिद्ध तांत्रिक विराजमान है उनका कहना है की विगत कुछ वर्षो में एक भी व्यक्ति तंत्र साधना के लिए नहीं आया है। ऐसी ही कुछ अनुभव दक्षिण भारत के प्रसिद्ध सह्याद्री पीठ के प्रमुख पुजारी जी का भी है, फिर भी न जाने बड़े-बड़े नगरो में बड़े-बड़े नामों की तख़्तियाँ लगाकर अपने आपको तांत्रिक घोषित करने वाले ये लोग आते कहाँ से हैं? सिद्ध तांत्रिक की पहचान यह होती है कि वह न तो किसी से कुछ लेता है , और न माँगता है, न संग्रह करता है, न मठ बनाता है और न ही लोगों के बीच में रहता है। Love problem solution दृशा स्पर्शेन फुत्कारैरू पांगआगुष्ठेन बोधितैरू, उदकेनाभिमन्त्रोनालुब्धश्च...